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साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण पर ही सरकार का ध्यान केंद्रित: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव

चढ़त पंजाब दी,
चंडीगढ़, 03 अक्टूबर (सत पाल  सोनी ):”मेहनत को सम्मान, अधिकार एक समान” के आदर्श वाक्य को साकार करते हुए पूरी तरह से साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण पर ही सरकार का ध्यान केंद्रित है। यह बात आज केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने श्रम ब्यूरो के 101वें स्थापना दिवस के मौके पर श्रम ब्यूरो भवन, चंडीगढ़ में एरिया फ्रेम एस्टाब्लिशमेंट सर्वे (एएफईएस) के फील्ड कार्य का शुभारंभ करते हुए कहा। 
आयोजन के दौरान, उन्होंने उल्लेख किया कि श्रम के सभी पहलुओं पर डेटा महत्वपूर्ण है और वैज्ञानिक रूप से एकत्र किया गया डेटा किसी भी साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के लिए आधार है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आंकड़ों के बढ़ते महत्व तथा इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि भारत एक श्रम प्रधान देश है, श्रम तथा मूल्य सांख्यिकी हेतु समर्पित संगठन के रूप में श्रम ब्यूरो जैसे संगठन को पूर्ण समर्थन तथा अत्यधिक मजबूती दिये जाने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ब्यूरो को सौंपे जाने वाले कार्यों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है जिसमें श्रम के लगभग सभी संभावित पहलुओं पर आंकड़ों के संग्रहण और संकलन का कार्य भी शामिल है। ब्यूरो से अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किया गया।

 

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव श्रम ब्यूरो के 101वें स्थापना दिवस के मौके पर श्रम ब्यूरो भवन, चंडीगढ़ में एरिया फ्रेम एस्टाब्लिशमेंट सर्वे (एएफईएस) के फील्ड कार्य का भी शुभारंभ करते हुए। इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय , श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “ई-श्रम” पोर्टल के तहत असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर का आयोजन
केंद्रीय मंत्री ने ई-श्रम पोर्टल और विभिन्न योजनाओं और सुधारों के कार्यान्वयन पर राज्यों/संघ शासित प्रदेशों की तैयारी के तहत असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण हेतु हुई प्रगति के संबंध में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम राज्य मंत्रियों, श्रम सचिवों और आयुक्तों के साथ चर्चा की। उन्होंने मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित “ई-श्रम” पोर्टल के तहत असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर का भी दौरा किया। मंत्री ने असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम कार्ड वितरित किए और ट्रेड यूनियन नेताओं, नियोक्ताओं और असंगठित श्रमिकों के साथ बातचीत की।
केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम कार्ड वितरित करते हुए। उन्होंने महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को ईएसआईसी कोविड राहत योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत श्रमिकों को पत्र भी वितरित किए।
ई-श्रम पोर्टल https://eshram.gov.in का शुभारंभ दिनांक 26 अगस्त, 2021 को किया गया था। पोर्टल प्रवासी श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित असंगठित श्रमिकों का इस तरह का पहला राष्ट्रीय डेटाबेस है। वेबसाइट के शुभारंभ के बाद से चौथे सप्ताह में, असंगठित श्रमिकों द्वारा किया गया पंजीकरण बहुत तेजी से 1.71 करोड़ को पार कर गया और इस (5वें) सप्ताह में कुल मिलाकर 2.51 करोड़ से अधिक श्रमिक इस पोर्टल (लाइव रिकॉर्ड के अनुसार) पर पंजीकृत हैं। अनुमानित तौर पर 38 करोड़ श्रमिक असंगठित क्षेत्र के रोजगार में कार्यरत हैं (आर्थिक सर्वेक्षण, 2019-20)।
2 अक्टूबर, 2021 तक कुल 2,46,57,524 श्रमिकों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 55% श्रमिक कृषि क्षेत्र में लगे हुए हैं, इसके बाद निर्माण क्षेत्र में श्रमिकों से लगभग 15% पंजीकरण और परिधान उद्योग में 6% पंजीकरण हुआ है।
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